खांटी
भोजपुरिया मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष बनइला से भोजपुरिया
समाज अपना के सम्मानित महसूस करत बा. उनकरा बनला से भोजपुरी
भासा के मान्यता मिले के संभावना बढ़ गइल बा. बाकिर मीरा कुमार
के स्पीकर बनावे के पीछे कांग्रेस के असली राजनीति त दोसरे बा.
सांच कहल जाव त मीरा कुमार के स्पीकर बना के कांग्रेस के रणनीति
भविष्य में दलित नेत्री आ यूपी के मुख्यमंत्री मायावती के काट
के रूप में प्रोजेक्ट करे के बा. द संडे इंडियन में छपल कार्यकारी
संपादक ओंकारेश्वर पांडेय के ई आलेख भोजपुरिया पाठकन खाती हम
साभार दे रहल बानी. एकर ओरिजनल पढ़े खाती रउआ नीचे दीहल लिंक
क्लिक कर सकीले. http://www.thesundayindian.com/bhojpuri/20090628/bhojpuri.html
संसदीय राजनीति में स्पीकर पद दलगत राजनीति से ऊपर होखे ला.
बाकिर स्पीकर पद खातिर लिहल जाए वाला फैसला ना. एकरा पीछे विशुद्ध
राजनीति होखेला. एह बार लोक सभा में जब लालू प्रसाद यादव स्पीकर
के चुनाव के बाद बोलत रहन, त बोलते बोलते कुछ बात राजनीतियों
के करे लगलन. सत्ता पक्ष के सदस्य सब जब उनका के टोकले कि अबहीं
राजनीति मत करीं, त लालू एकदम से बिफर के बोल उठले- ऐ चुप रहीं
लोगन, राजनीति ना त का इहां पूजा करे आइल बानी. बात सहीए रहे.
सो सब लोगन ठठाके हंस पड़लें अउर शांत भी हो गइलें. जाहिर बा
, संसदीय राजनीति में हर फैसला के पीछे राजनीति होखेबे करेला.
राज चलावे के नीति बनावे के काम आखिर जनता उन सबकेही देवले.
एह लिहाज से दलगत राजनीति से ऊपर मानल जाए वाला स्पीकर पद प
मीरा कुमार के चुनाव के पीछे के राजनीति समझला के जरूरत बा.

ई सभे के मालूम बा कि अगिला पांच साल तक श्रीमती मीरा कुमार
स्पीकर के पद प रहके पार्टी के राजनीति से सीधे ना जुड़ल रह
सकेली. बाकिर ओकरा बाद..... मीरा के असली राजनीति त तब शुरु
होई. अउर तब उनकर कद काफी बढ़ चुकल रही. दरअसल सोनिया गांधी
मीरा कुमार के चुनाव करके एक तीर से कै गो निशाना सधले बाड़ी.
सोनिया गांधी कुछ समय तक पार्टी के बाहर रहल मीरा कुमार के न
खाली न्योता दे के बोलवली आ टिकटो देली बलुक चुनाव जीतला के
बाद मंत्री बनइली आ ओकरा बाद लोकसभा के मुखियो बना के आपन वादा
पूरा क दीहली. एकरा पीछे सोनिया गांधी के एगो बेहद दूरदर्शी
अउर सुविचारित रणनीति बा. एगो समय रहे जब इंदिरा गांधी के सलाहकार
सीताराम केसरी के चलते मीरा कुमार के पार्टी छोड़े के पड़ल रहे.
कांग्रेस के कबो कद्दावर नेता रहन बाबू जगजीवन राम के ई नायक
बेटी एह से पहिले पार्टी में हमेशा हाशीए प ढक़ेलल जात रहली.
एकरा बादो ऊ रामविलास पासवान अउर मायावती जइसन दिग्गजन के पछाड़
के राजनीति में धमाकेदार शुरूवात कइले रहली.
अबहीं किनारा से उठा के मीरा कुमार के राजनीति के केन्द्र में
ले आवे के पीछे राजनीतिक मंशा बेहद दूरगामी बा. कांग्रेस भविष्य
देख रहल बिया. ओकरा दलित राजनीति में एगो बड़ रेखा खींचे के
बा, मायावती रामविलास पासवान से कहीं जादा बड़. अइसन दलित नेता
जवन भलहीं फायर ब्रांड ना होखे प सुशिक्षित, शालीन, सम्मनित
अउर रसूख वाला होखे. कांग्रेस भविष्य देखके दलित राजनीति के
चेहरा बदलल चाहत बिया. मीरा कुमार के सौम्य चेहरा से बढिय़ा का
हो सकेला.
भलहीं मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष पद प आसीन होखला से सक्रिय
राजनीति से उनका दूरी बरते के पड़े ,रोजमर्रा के राजनीति ,बयानबाजी
ऊ पद के गरीमा के कारन ना कर पावस , बाकिर कांग्रेस के एगो दलित
नेता के रुप में सालों तक ऊ मीडिया में हर रोज नजर आवत रहिअन
. मंत्री बनती त एगो विभाग विशेष तके सीमट के रह जइती . मंत्रियन
के भिड़- भाड़ में खो जइती .कांग्रेस के आपन कारगर रणनीति के
फायदा ना मिलीत.
मीरा कुमार बिहार से बाड़ी, बुरा वक्तो में मीरा कुमार बिहार
से आपन सीट निकाल लेली, बाबू जगजीवन राम के नाम आजो बिहार में
बहुते सम्मान के साथे लिहल जाला.कहे के मतलब बा कि बिहार में
मीरा कुमार के चेहरा स्थापित बा, लगभग तीन दशक बाद मीरा कुमार
के रुप में बिहार के कवनो सांसद के स्पीकर बने के मौका मिलल
बा , ई बिहार खातिर गर्व के मौका बा. मीरा कुमार के नाते पार्टी
बिहार में आपन जनाधार मजबूत करे के चाहत बिया. ओने उत्तर प्रदेशो
में कांग्रेस तनीसा सुधार कइले बिया प अबहिंयों ओकरा के हासिए
प माने के चाहीं. मायावती से मुकाबला कड़ा बा. 1985 में मीरा
कुमार बिजनौर सीट प मायावती के शिकस्त देले रहली . मीरा कुमार
के भविष्य में मायावती के काट के रुप में देखल जा रहल बा.
मीरा कुमार के स्पीकर बनावे के कारगुजारी कांग्रेस के मास्टर
स्ट्रोक बा. दरअसल ओकर सबसे बड़ परेशानी बा,उत्तर प्रदेश अउर
बिहार में जनाधार के खिसकल, ब्राम्हणन, दलितन, अंल्पसंख्यकन
के ओकरा से कन्नी काट लिहल. उत्तर प्रदेश अउर बिहार अगर ओकरापास
आ जाव त फेर केन्द्र के लड़ाई आसान हो जाई. स्व. कर्पूरी ठाकुर
कहत रहन कि कांग्रेस के चार यार.. औरत ब्राम्हण, तुर्क आ दलित.
पिछला चुनाव में अइसन लागल कि बाम्हण धीरे-धीरे कांग्रेस के
साथे आ रहल बाड़े, मुसलमानो लोग एक बार फेर से छोट पार्टियन
के दामन छोड़ कांग्रेस के सेक्यूलर विकल्प मानल शुरु कर देले
बा. रहल बात दलितन के त कांग्रेस कुमारी शैलजा, कृष्णा तीरथ,
आर ई पी लक्ष्मी जइसन महिला दलित नेता सब के मंत्री बनाके आपन
कवायद शुरु कर देले बिय़ा. प एह सबसे ऊपर मीरा कुमार के स्पीकर
पद देहला से कांग्रेस के उत्तर प्रदेश , बिहार, दलित, महिला,
मायावती, रामविलास के चुनौती सब लक्ष्य एकहीं साथे सधा गइल.
देश के संसदीय इतिहास देखल जाव त श्रीमती इंदिरा गांधी पहिला
महिला प्रधानमंत्री, राजकुमारी अमृत कौर पहिला केबिनेट मंत्री,
सरोजनी नायडू पहिला राज्यपाल, पहिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी
चाहे फेर प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के रुप में पहिला महिला राष्ट्रपति
बनला के बादो देश में महिला सबन के स्थिति में केतना बदलाव आइल
बा ई सब लोग जानता. मीरा कुमार के संसार के सबसे बड़ लोकतंत्र
के संसद के मुखिया बन गइला के बाद से केतना सुधार हो पाई कहल
नइखे जा सकत बाकिर अतना तय बा कि मीरा कुमार के एह पद पर आसीन
भइला से ई संकेत त गइले बा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के लेके
गंभीर बिया अउर एह बार महिला विधेयक पास करवाए के चाहत बिया.
ऊ महिला सबन के सच्चा हितैषी बिया.
मीरा कुमार के स्पीकर बनला से एगो उमेद भोजपुरियो समाज में जागल
बा. अबकी लोकसभा में करीब 35 भोजपुरिया सांसद चुन के आइल बाड़े.
भोजपुरी भासा के संविधान के अठवां अनुसूची में शामिल करावे का
सवाल केन्द्र सरकार के पास पहिले से लटकल बा. कई गो बड़ बड़
नेता मंत्री एकरा के मान्यता देवे के वादा कइलन. बाकिर अनरिया
कारन से ई लटकल बा. मीरा कुमार तनी आसा जोर लगा दीहें त एकर
बेड़ा पार लाग जाई. भोजपुरिया लोग के उमेद बा कि मीरा जी इतिहाल
बनावे के ई सोनहरा मौका ना छोड़िहें.
आपन पिता के अधूरा सपना अउर संकल्पन के पूरा करे खातिर मीरा
कुमार विदेश सेवा में रहला के बादो राजनीति में अइली. मीरा कुमार
स्पेन, इंगलैंड, मारीसस के दूतावासन में कार्यरत रह चुकल बाड़ी
, भारत लौटली अउर 40 साल के उमीर में 1985 के चुनाव लडक़े राजनैतिक
पारी के शुरुआत कइली . संगठनों में मीरा कुमार नीक काम कइली
, ऊ दू बेरा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अउर अतने बेरा कांग्रेस
कार्यकारिणी के सदस्य रह चुकल बाड़ी. पीछला लोकसभा में ऊ सामाजिक
अउर अधिकारिता मंत्री रहली . मीरा पटना में पैदा भइली ,दिल्ली
में पोसइली आ इहें के मिरांडा हाउस अउर महरानी गायत्री देवी
स्कूल में पढ़ाई कइली.ऊ एगो बेहतर निशानेबाज रहल बाड़ी ,पदक
जीतले बाड़ी . मीरा कुमार उपप्रधानमंत्री रहन नामी नेता बाबू
जगजीवन राम के बेटी हई त बिहार क पहिला महिला कैबिनेट मंत्री
रहल सुमित्रा देवी के बहूओ हई. राजनीति उनका खून में बा त प्रशासन
ऊ सीखले बाड़ी अउर ओकर नीमन अभ्यास कइले बाड़ी.
मीरा कुमार बेदाग छवि, सौम्य व्यवहार, शालीन व्यक्तिव, कुल मिलाके
एगो अइसन चरित्र बन रहल बा जइसऩ मौजूदा वक्त में कांग्रेस आपन
दम प दिखावे के चाहत बिया .
:- ओंकारेश्वर पांडेय
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