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गाँव-देहात
से भोजपुरी होली गीत पहुँचा माल में। |
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आजकल चारों ओर मालिनी अवस्थी की टाइम द्वारा निर्माणित
एल्बम "होली है" की धूम मची हुई है। भोजपुरी होली एल्बमों
के पिछले सारे रेकार्ड तोड़ते हुए "होली है" एल्बम इस
साल का सबसे बड़ा हिट एल्बम साबित हुआ है। इस एल्बम की सफलता का
सबसे बड़ा राज है, भोजपुरी संगीत से अबतक के अछूते वर्ग के बीच लोकप्रियता।
इस एल्बम को लोग अपने परिवार के साथ सुन रहे हैं और सुन सकते हैं
क्योंकि यह एल्बम पारिवारिक स्तर की गरिमा को बनाए रखता है। आज ए
एल्बम गाँव-देहात की पगडंडियों से निकलकर शहरी मालों में सज चुका
है और लोगों द्वारा सुना एवं पसंद किया जा रहा है। भोजपुरी संगीत
के इतिहास में पहली बार यह हुआ है कि यह एल्बम सफलता के सारे रिकार्डों
को तोड़ दिया है। आज दिल्ली सहित देश के सारे छोटे-बड़े म्यूजिक
स्टालों पर इसके खरीददारों, चाहनेवालों की भीड़ टूट रही है और इसे
बहुत ही अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। दिल्ली में पहले भोजपुरी एल्बमों,
सीडियों आदि के लिए भोजपुरी संगीत प्रेमियों को मंडावली या आजादपुर
मंडी का रूख करना पड़ता था पर यह एल्बम आज दिल्ली की सभी छोटी-बड़ी
म्यूजिक स्टालों पर उपलब्ध है। इस अल्बम की सफलता का एक बड़ा राज
है, इसके गानों का कर्णप्रिय एवं भोजपुरिया मिठास से सराबोर होना।
इस एल्बम में कुल 10 गाने हैं और एक गाने को छोड़कर बाकी सभी गीत
और उनकी धुनें पारंपरिक हैं। 'होली खेले मसाने में' गीत को मालिनी
अवस्थी ने लिखा है और इसे सुरों से सजाया है नागेंद्र-संतोष ने।
इस एल्बम में जो दस गाने हैं उनका शीर्षक नीचे दिया जा रहा है-
१. होली खेला घुघटवाली
२. फागुनवा में रंग रस रस बरसे
३. रंग डारूंगी
४. जोगीरा
५. सखी सोलह हजार
६. रसिया को नार बनाओ
7.रंगवा औरी अबीर
8. होली खेले मसाने में
9. धानी चुनरी में
10. फागुनवा में रंग रस रस बरसे (रेमिक्स)
तो देर किस बात की, आज ही, अभी अपने किसी पास के म्यूजिक स्टाल पर
जाइए और इस एल्बम के मधुर एवं सार्थक गीतों का लाभ उठाइए।
: - प्रभाकर पाण्डेय -(पुणे-मुंबई से)
:- कुलदीप श्रीवास्तव (नई दिल्ली से)
:- राकेश सिंह (कोलकत्ता से)
:- आनंद जी सहाय (पटना से)
:- सुमन (हैदराबाद से)
प्रभाकर पाण्डेय
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