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इ र इ रे . इ खाली सुर आ आवाज ना ह .इ भोजपुरी के अइसन मादक
गंध ह जवन बहुत लोग के होश उड़ा देले बा. मदहोशी में देश-दुनिया
के तमाम आँख महुआ के सुर-संग्राम पर टिक गइल बा त एकर ऊपर जात
टी आर पी देख के बाक़ी चैनल के होश उडल बा. त र इ र इ रे .......
अगर अइसहीं देश-दुनिया के दर्शक भोजपुरियात रही त बाक़ी चैनल
के या त भोजपुरी या भोजपुरीयाइल प्रोगाम शुरू करे के पड़ी .
जी रउआ लोग बिलकुल सही समझनी
कि अब सोनी भी मैदाने जंग में आ रहल बा.........खाली सोनिये
काहे . आगे देखत रही और के के आवत बा , भोजपुरी से नाता जोड़े
........ खतरा- खतरा ............ इ धंटी सगरो बाजत बा.......जे
तरे महुआ सबके रौंदत आगे दौड़ रहल बा......... ओसे टीवी चैनल
के दुनिया में हलचल मचल बा...... हिंदी के बाद सबसे ज्यादा आबादी
भोजपुरियन के ही बा......... आलम इ बा कि महुआ के खुशबू लोगन
के जबरदस्ती भोजपुरी से नाता जोड़े प
मजबूर क देले बा........ काहे कि ' जुबा पे लगा, लगा रे नमक
इश्क का ' ना-ना भोजपुरी का........... बालम से माँगा माँगा
रे नमक.............टीआरपी का..........
गतर गतर बथेला हो रामा.....
हमार पियवा गइले हमके छोड़ी ........ ना त ५ करोड़ के लालच में
आवतारें, ना ही बिग बॉस के रोमांच में फँसत बाड़ें हो रामा...........
गतर गतर बथेला हो रामा..... ......... उ त महुआ के रस में मताइल
रहत बाडन हो रामा......महुवा सवतिनिया मरलस पिया के मतिया हो
रामा हमके छोड़ी महुआ देखे ..........................
ए गोरी तोहरो त इहे बाटे गतिया
हो रामा ........दिन राती निहारेलू तूहू त महुए के सुरतिया हो
रामा .. महुआ मरलस सभकर मतिया हो रामा ........... चारों ओरी
होता महुए के बतिया हो रामा ......
जय हो महुआ ...जय हो सुर-संग्राम.
जय हो भोजपुरी . इ सब भोजपुरी के माया ह आखिर जे चीन्ही उहे
नू कीनी .........
: कुलदीप श्रीवास्तव
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